संजय शर्मा के कड़े ऐतराज के बाद अब गिरीश केशकर ने की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग।


छत्तीसगढ़ में होने वाली शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर संजय शर्मा के कड़े ऐतराज के बाद अब शिक्षक पंचायत /नगरीय निकाय संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ  गिरीश केशकर ने शिक्षा सचिव के नाम पत्र लिखकर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। 


दरसल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने प्रदेश के शासकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी को ध्यान में रखते हुए नए वैकेंसी द्वारा शिक्षकों की कमी को दूर करने की घोषणा किया था। इस पर हाल ही के दिनों में शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के 14580 पदों पर भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया है। 


चूँकि वर्तमान सरकार के द्वारा चुनाव से पहले अपने चुनावी घोषणा पत्र में संविलियन से वंचित लगभग 48 हजार शिक्षाकर्मियों को शिक्षा विभाग में संविलियन करने बात कही गई थी।सरकार द्वारा अपने वादे के मुताबिक संविलियन से वंचित शिक्षकों को शिक्षा विभाग में संविलियन किया जाता उससे पहले ही शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के 14580 पदों पर भर्ती हेतु विज्ञापन जारी कर दिया है। इस संबंध में विभिन्न संगठनों ने इस भर्ती प्रक्रिया पर कड़ा ऐतराज जताया है।  

शिक्षक पंचायत /नगरिय निकाय संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ गिरीश केशकर ने शिक्षा सचिव के नाम लिखे अपने पत्र में कहा है कि यदि प्रदेश के शासकीय शालाओं में कार्यरत  8 वर्ष से कम सेवा अवधि वाले शिक्षकों को संविलियन करने से पहले ही शिक्षकों की भर्ती कर दी जाती है तो यह सरकार के वादे के मुताबिक संविलियन की आस लिए बैठे शिक्षकों के साथ अन्याय होगा। 

उन्होंने कहा है कि शिक्षकों के संविलियन से पहले शिक्षकों की भर्ती करने से लगभग 48 हजार शिक्षक क्रमोन्नति ,पदोन्नति जैसे विभिन्न मामलों में कनिष्ट हो जाएंगे। सीधी भर्ती से आने वाले शिक्षक वेतन के मामले में भी पहले से कार्यरत 8 वर्ष से कम सेवा अवधि वाले शिक्षकों से आगे निकल जाएंगे जिससे उन शिक्षकों के मनः स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। 

डॉ गिरीश केशकर ने पत्र के माध्यम से शिक्षा सचिव से आग्रह किया है कि पहले संविलियन से वंचित 48 हजार शिक्षकों को शिक्षा विभाग में संविलियन करने के बाद ही नई भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ किया जाए।  

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