प्रदेश में होने वाली नियमित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया क्या रुक सकती ? देखिए पूरी खबर।


जी हाँ आपने सही पढ़ा है; क्या प्रदेश में पहली बार होने वाले नियमित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया रुक सकती है? हम ऐसा इस लिए कह रहे हैं ,क्योंकि छत्तीसगढ़ में होने वाले नियमित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया से ठीक पहले ही छत्तीसगढ़ ननि शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष संजय शर्मा ने इस पर  कड़ा ऐतराज जताया है। साथ ही साथ फेडरेश के प्रांतीय पदाधिकारी 2 अप्रैल को शिक्षा सचिव से मिलकर भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग करेंगे।


दरसल हुआ यह है कि चुनाव के पहले सरकार द्वारा अपने जन घोषणा पत्र में शिक्षाकर्मियों को दो वर्ष सेवा अवधि के पश्चात संविलियन तथा क्रमोन्नति /पदोन्नति देने की बात कही गई थी।

वर्तमान सरकार के द्वारा शिक्षाकर्मियों के संविलियन और शिक्षक lb संवर्ग के क्रमोन्नति /पदोन्नति के पहले ही नियमित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। 

मुख्यमंत्री के घोषणा के पश्चात व्याख्याता ,शिक्षक एवं सहायक शिक्षक के पदों पर भर्ती हेतु संचालक लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ ,द्वारा जारी संक्षिप्त विज्ञापन क्रमांक/स्था/विज्ञापन /सीधी भर्ती /2019 422-PA  अटल नगर ,दिनांक 09.03.19 जिसका प्रकाशन दिनांक 10.03.19 को  समाचार पत्रों के माध्यम से विज्ञापन जारी कर  दिया गया।

इसको लेकर शिक्षक पंचायत संवर्ग और शिक्षक LB संवर्ग पहले से ही नाखुश नजर आ रहे थे।इस पर पुख्ता मुहर तब लग गया जब छत्तीसगढ़ ननि के प्रांताध्यक्ष संजय शर्मा ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मांग करते हुए कहा है कि समस्त शिक्षाकर्मियों का पहले संविलियन हो ,शिक्षकlb  व व्याख्याताlb  के पद पर  पात्र शिक्षकों  का पदोन्नति हो फिर सहायक शिक्षक LB के पद पर सीधी भर्ती किया जावे।     

उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि शिक्षक पंचायत संवर्ग के संविलियन और शिक्षक lb संवर्ग के क्रमोन्नति /पदोन्नति  किये बिना यदि सीधी भर्ती कर दी जाती है यह उनके साथ अन्याय है,जो पहले से ही सरकार के वादा के मुताबिक संविलियन की आस लगाए बैठे हैं। ऐसा करने पर वे सीधी भर्ती से आने वाले शिक्षकों से कनिष्ट भी  हो जाएँगे। 

मुख्यमंत्री जी से  मांग किया है कि  शिक्ष संवर्ग का संविलियन व  पदोन्नति के बाद ही सीधी किया जावे। 

दोस्तों शिक्षक lb से सम्बंधित तमाम खबरों के लिए हमसे जुड़े रहिए।धन्यवाद

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