रायपुर। प्रदेश में सत्र 2019-20 में शिक्षा के अधिकार के तहत प्रवेश हेतु राशन कार्डधारी परिवार के बच्चों का प्राइवेट शालाओं में निःशुल्क पढ़ने का सपना अधूरा रह गया,क्योंकि शासन के द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार RTE के तहत प्राइवेट स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश हेतु पालक का सर्वे सूचि में नाम होना अनिवार्य है।
दरअसल शिक्षा का अधिकार कानून में यह प्रावधान किया गया है कि प्राइवेट शालाओं में 25 % गरीब तबके के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश दिया जाना अनिवार्य है। RTE के तहत सत्र 2019-20 में प्राइवेट स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश हेतु जारी गाइडलाइन के अनुसार BPL राशन कार्ड के साथ-साथ सर्वे सूचि में पालक का नाम होने पर ही आवेदन को पात्र माना जाएगा,इस आधार पर निःशुल्क प्रवेश हेतु प्राप्त आवेदन का जाँच किया गया जिसमें 49 हजार आवेदन ऐसा पाया गया जिसमें पालक के नाम से BPL कार्ड तो था पर सर्वे सूचि में नाम नहीं था जिसे अमान्य कर दिया गया है।
आवेदन का अमान्य होने के साथ ही गरीब तबके के हजारों बच्चों का निजी स्कूल में पढ़ने का सपना टूट गया ,राशन कार्ड के आधार पर आवेदन मान्य किया गया होता तो इस साल लगभग सभी सीटें भर जाती। यह एक प्रकार से शासन का सहीं निर्णय भी है, क्योंकि RTE प्रवेश को लेकर पहले ही बहुत शिकायतें मिल रही थी।
0 Comments