घटते भू-जल स्तर की समस्या.......जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया निर्देश.......निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संस्था का होगा मान्यता खत्म


बिलासपुर 12.06.19 'जल ही जीवन है ' इस श्लोगन को आपने निश्चित ही कहीं न कहीं सूना या पढ़ा जरूर होगा ,पर आपने ने कभी नहीं सोचा होगा कि इस श्लोगन के साथ इतनी जल्दी एक और श्लोगन आपको सुनने को मिलेगा, वह श्लोगन है save the water .(पानी बचाओ )पानी की समस्या आज किसी क्षेत्र या देश तक सिमित नहीं रह गया है ,यह समस्या वर्तमान में विश्व स्तरीय समस्या बन चुका है। 

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भू-गर्भिय वैज्ञानिकों के अनुसार यदि ऐसे ही पानी को व्यर्थ बहाया जाता रहा तो ,कुछ ही वर्षों में भू-जल समाप्त हो जाएगा। भू-जल स्तर का दिन  प्रति दिन घटने के कई कारण  है ,परन्तु मनुष्य द्वारा वृक्षों की अंधाधुंध कटाई भू-जल स्तर को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही है,इससे तापमान भी बढ़ता जा रहा है। 

बढ़ते जल संकट की समस्या से निपटने के लिए शासन प्रशासन द्वारा जल संरक्षण हेतु अपने अधीनस्त  कार्यालयों को निर्देशित किया जा रहा है। 

जल संरक्षण हेतु किये जा रहे प्रयास की इस कड़ी में जिलाधीश महोदय के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर ने दिनांक 11.06.19  को सर्व शिक्षण संस्थाएं जिला बिलासपुर को निर्देश जारी करते कहा है कि सभी शैक्षणिक संस्थाएं जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा हेतु 10 दिनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कर पालन प्रतिवेदन फोटोग्राफ सहित इस कार्यालय में प्रेषित करना  सुनिश्चित करें। 



जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि यदि कोई संस्था निर्धारित दिवस के भीतर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कर पालन प्रतिवेदन फोटोग्राफ सहित प्रेषित नहीं करता है तो ,पर्यावरण अधिनियम के तहत कार्यवाही की जावेगी तथा उक्त निर्देशों का पालन नहीं करने की स्थिति में मान्यता समाप्ति की कार्यवाही भी की जावेगी। 


   

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