जनप्रतिनिधि हो तो ऐसा......फोन पर ही शिक्षाकर्मियों की समस्या सुनकर ceo को लिखा पत्र


जांजगीर चाँपा 07.06.19। मामला जांजगीर चाँपा जिले के चंद्रपुर क्षेत्र की  है। बताया जाता है कि चंद्रपुर क्षेत्र से विधायक श्री रामकुमार यादव जी फोन पर ही शिक्षाकर्मियों की समस्या सुनकर ceo जिला पंचायत को पत्र लिखकर शीघ्र ही समस्या का समाधान करने को कहा है तथा समाधान का तरीका भी बताया है। जांजगीर चाँपा जिले के शिक्षक पं. संवर्ग अपने क्षेत्र के विधायक के बारे में जरूर ही ऐसा कह रहे होंगे कि जनप्रतिनिधि हो तो ऐसा।



दरअसल जांजगीर चाँपा जिले में 1 जुलाई 2019 की स्थिति में  8 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षक पं. संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलिय हेतु गोपनीय प्रतिवेदन तथा अन्य आवश्यक जानकारी जमा करने निर्देशित किया गया है, ऐसे में अन्य जिलों से मेडिकल /आपसी सहमति तथा पति -पत्नी बेस पर स्थानांतरण से आये शिक्षक पंचायत संवर्ग को 5 वर्ष का गोपनीय प्रतिवेदन हेतु संबंधित जिला जाना पड़ रहा है ,जहाँ से वे  स्थानांतरण में आये  हैं । 

जबकि जिला पंचायत रायगढ़ द्वारा सभी विकास खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर समयमान वेतनमान आदेश के आधार पर संविलियन की कार्यवाही करने को निर्देशित भी किया जा चुका है। 

इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार कई शिक्षाकर्मी बस्तर /दंतेवाड़ा के सुदूर अंचल से स्थानांतरण में आये हैं ऐसे में 5 वर्ष का गोपनीय प्रतिवेदन हेतु उन्हें पुनः बस्तर /दंतेवाड़ा जाना पड़ रहा है जबकि समयमान वेतनमान /पुनरीक्षित वेतनमान के लिए 5 वर्ष का गोपनीय प्रतिवेदन जमा किया जा चुका है। 



शिक्षाकर्मियों ने किसी तरह फोन के माध्यम से अपनी इस समस्या क्षेत्र के विधायक महोदय तक पहुंचाई ,जिस पर विधायक महोदय ने तत्काल एक्शन लेते हुए ceo जिला पंचातय  जांजगीर चाँपा को पत्र लिख कर समयमान वेतनमान /पुनरीक्षित वेतनमान के लिए जमा पिछले 5 वर्ष के गोपनीय प्रतिवेदन के आधार पर जारी समयमान वेतनमान आदेश  को ही आधार मानकर संविलियन की प्रक्रिया किये जाने को कहा है। 


    

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  1. पत्र लिखना एक बात और कार्रवाई करना दूसरी बात है

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