क्या आप एक से अधिक विषय में स्नातक करना चाहते हैं या कर चुके हैं तो आपको इस रिपोर्ट को जरूर पढ़ना चाहिए




रायपुर 10.08.19 । जब से शिक्षाकर्मी का जन्म हुआ है तब से वर्तमान समय तक प्रदेश में शिक्षक पंचायत, नगरीय निकाय तथा  एलबी संवर्ग को मिलाकर शिक्षकों की संख्या लगभग 2 लाख के करीब है। शुरुआत से शिक्षाकर्मियों का जीवन संघर्षमय रहा है । पदोन्नति /क्रमोन्नति ,स्थानांतरण और वेतन की समस्या खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है ।



वर्तमान में पंचायत /नगरीय निकाय या एलबी संवर्ग का सबसे बड़ी समस्या पदोन्नति /क्रमोन्नति का नहीं मिलना है ,शिक्षाकर्मी भर्ती के समय विषय की अनिर्वायता नहीं थी ,परन्तु विषय के आधार पर प्रमोशन दिया जा रहा है  यही कारण है कि विज्ञान या गणित विषय वाले शिक्षाकर्मी वर्ग 3 का प्रमोशन हो गया और कला वाले शिक्षक देखते ही रह गए।

कला संकाय वाले शिक्षक को न तो प्रमोशन मिल पा रहा है और न ही क्रमोन्नति ,जिससे 14-15 वर्ष सेवा दे चुके शिक्षाकर्मी जो कि वर्तमान में एलबी संवर्ग हैं आज भी प्रमोशन /क्रमोन्नति का बाट देख रहे हैं। कला संकाय वाले  शिक्षक तथा ऐसे शिक्षक जिनका 12 वीं कक्षा तक विज्ञान विषय है ,परन्तु स्नातक कला संकाय में  है ,ऐसे शिक्षकों द्वारा प्रमोशन के चाह में उन विषयों पर दोबारा स्नातक किया जा रहा है या करने के इच्छुक हैं जिसमे प्रमोशन होने की संभावना है। 

परन्तु व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे दो प्रकार के पत्र ने ऐसे शिक्षकों तथा ऐसे विद्यर्थियों का मुश्किल और बढ़ा दिया है जो दो बार स्नातक करना कहते हैं।दो बार स्नातक किये जाने के संबंध में पहला पत्र  9 मार्च 2015 को श्री पवन कुमार साव बालको ,जिला कोरबा द्वारा RTI के माध्यम से चाही गई जानकारी दो स्नातक किये जाने के जवाब में UGC जनसूचना अधिकारी के द्वारा जारी किया गया है UGC के मुताबिक UGC formal education regulations 2003 के अनुसार स्नातक योग्यता प्राप्त करने के पश्चात पुनः दूसरे विषय में स्नातक किया जा सकता है। जो कि संबंधित विश्वविद्यालय का निजी प्राधिकार है। जबकि 




पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा दिनांक 19.04.17 को जारी अधिसूचना के मुताबिक यदि कोई भी छात्र पहले से स्नातक और स्नाकोत्तर का उपाधि प्राप्त कर चूका है और यदि दोबारा स्नातक करना चाहता है तो विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 24 ,कंडिका 30 (xxx )के अनुसार स्नातक उत्तीर्ण होने के पश्चात दो बार स्नातक की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए पात्र नहीं होगा। 

उक्त पत्रों में किस पत्र को आधार माना जाय यह चर्चा का विषय बना हुआ है ,यदि पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना को आधार माना जाता है तो ऐसे शिक्षक जो दो बार स्नातक कर प्रमोशन प्राप्त किये हैं उनका क्या होगा ? और यदि पहले पत्र को आधार माना जाता है तो क्या सर्विसबुक में दो स्नातक जोड़ा जा सकता है ? इसका सवाब तो संबंधी विश्वविद्यालय और संबंधित विभाग ही दे सकता है।  शिक्षक एलबी व्हाट्सएप ग्रुप  




   

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