अब तक डीएड /बीएड नहीं करने वाले तथा शासन द्वारा निर्धारित अवधि के पश्चात डीएड /बीएड उत्तीर्ण वाले शिक्षकों को झटका ......नियमित नहीं करने का निर्देश जारी हुआ.......


रायपुर 21 सितंबर 19। राज्य शासन द्वारा प्रदेश के शासकीय स्कूलों में  शिक्षकों की कमी को ध्यान में रखते हुए समय -समय पर वैकेंसी निकाला जाता है ,इस भर्ती प्रकिया में हर बार कुछ न कुछ आवश्यक बदलाव किया जाता है , प्रारम्भ में शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति पंचायत द्वारा किया जाता था। उस समय अभ्यर्थी के पास डीएड /बीएड की योग्यता का होना अनिवार्य नहीं था। 


धीरे-धीरे शिक्षक संवर्ग के भर्ती प्रक्रिया में बदलाव होते गया और पंचायत के स्थान पर जनपद और जिला स्तर पर नियुक्तियां होने लगी। 2007 में शिक्षक संवर्ग का जो नियुक्ति हुआ, उसमे विषय तथा व्यवसायिक योग्यता का होना अनिवार्य नहीं था। उसके बाद जो नियुक्तियाँ हुई उसमे शासन द्वारा यह सेवाशर्त रखा गया कि बिना व्यवसायिक योग्यता के सेवा में आने वालों को नियुक्ति के दो के वर्ष के अंदर डीएड /बीएड की योग्यता प्राप्त करना होगा,परन्तु नियुक्ति के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक कई शिक्षक डीएड /बीएड की योग्यता प्राप्त नहीं किये हैं । 

दरअसल पूरा मामला शिक्षक संवर्ग (नगरीय निकाय ) का है ,छत्तीसगढ़ शासन ,नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ,मंत्रालय से विभिन्न निकायों तथा शिक्षक संवर्ग (नगरीय निकाय ) के संघों द्वारा ऐसे शिक्षक संवर्ग (नगरीय निकाय ) के कर्मचारी जो नियुक्ति के पश्चात भी डीएड /बीएड की उपाधि प्राप्त नहीं किये हैं। उनके नियमितीकरण के संबंध में मार्गदर्शन चाहा गया था। 

छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा मार्गदर्शन के जवाब में दिनांक 19.09.19 को पत्र  जारी कर कहा है कि जिन शिक्षक संवर्ग (नगरीय निकाय ) के कर्मचारी सेवा के दौरान निर्धारित अवधि के पश्चात भी डीएड /बीएड की परीक्षा उत्तीर्ण हुए हैं ,उन्हें परीक्षा उत्तीर्ण होने की तिथि से नियमित किया जा सकेगा तथा उक्त तिथि से ही उन्हें वेतन वृद्धि हेतु पात्रता होगी। 


इसी प्रकार जिन्होंने अभी तक निर्धारित अवधि के पश्चात् भी सेवा के दौरान डीएड /बीएड की उपाधि प्राप्त नहीं की है ,उन्हें नियमित किया जाना उचित नहीं होगा और न ही उन्हें वेतन वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा। शिक्षक एलबी न्यूज़ व्हाट्सएप ग्रुप

    





     

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