नाराज कलेक्टर ने एक स्कूल के सभी शिक्षकों को बदलकर वनांचल में पोस्टिंग करने के निर्देश दिये......देखिये क्या है पूरा मामला


कबीरधाम 20 सितंबर 19 । छत्तीसगढ़ का एक ऐसा कलेक्टर जिन्होंने अपनी बच्ची को शासकीय स्कूल में भर्ती कर लोगों के मन में शासकीय स्कूलों के प्रति पल रही गलत धारणा को बदलने का कार्य किया ,क्योंकि उनका मानना है कि सरकारी स्कूल के बच्चे होनहार तो होते ही हैं ,साथ ही किसी भी परिस्थिति का सामना करने का साहस उनमे अधिक होती है  ,ऐसा इस लिए कि वे स्वयं सरकारी स्कूल में पढ़कर इस ऊंचाई को प्राप्त किये हैं। 



 एक ऐसा कलेक्टर जिन्होंने परीक्षा में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को हताश नहीं होने की शिक्षा दी, इसके लिए उन्होंने अपने हाई स्कूल ,हायर सेकंडरी विद्यालय परीक्षा का मार्क भी शेयर किये। उनका यह कार्य अनुत्तीर्ण या कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बना ,उस कलेक्टर के बारे में तो आप जान ही गए होंगे ,उनका नाम है श्री अवनीश कुमार शरण। ऐसा कलेक्टर जो हमेशा शासकीय शालाओं में शिक्षा गुणवत्ता को लेकर संजीदा रहते हैं।

मामला कबीरधाम जिले के पंडरिया विकास खंड का है बताया जाता है कि मंगलवार को कलेक्टर महोदय पंडरिया विकास खंड के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के विभिन्न आश्रमों, छात्रावासों  व शालाओं का औचक निरिक्षण किया । शालाओं में निरीक्षण के दौरान वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पांडातराई भी पहुंचे, जहाँ पांच शिक्षक अनुपस्थित मिले। 



बताया जाता है कि इस स्कूल में 24 शिक्षक पदस्थ हैं। कलेक्टर महोदय ने शाला में व्यवस्था देखने के साथ -साथ सभी कक्षाओं के बच्चों से शिक्षण संबधी चर्चा किया। बच्चो से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कलेक्टर ने प्राचार्य तथा विषय शिक्षकों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई।

कलेक्टर महोदय बच्चों के स्तर देखकर इतना नाराज हुआ कि उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पांडातराई के सभी शिक्षकों को बदलकर वनांचल क्षेत्रों में तथा वनांचल में पदस्थ शिक्षकों को यहां पोस्टिंग करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए। शिक्षक एलबी न्यूज़ व्हाट्सएप ग्रुप

    

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