जनपद पंचायत बस्तर ने अपने ही क्रमोन्नति आदेश को किया निरस्त.......हजारों शिक्षकों के उम्मीदों पर पानी फिरा


बस्तर। जनपद पंचायत बस्तर द्वारा जारी क्रमोन्नति आदेश से सहायक शिक्षक एल बी  में एक नई उम्मीद जगा, सहायक शिक्षक एलबी संवर्ग को लगा यदि शासन पदोन्नति नहीं देती तो कोई बात नहीं क्रमोन्नति मिलने से हर माह 8000 -10000 रूपये का जो नुकसान उठाना पड़ रहा है उससे राहत मिलेगी ,परन्तु ऐसा हुआ नही । जनपद पंचायत बस्तर ने अपने ही क्रमोन्नत वेतनमान आदेश को निरस्त कर दिया।  



दरअसल बस्तर जिला के लगभग 33 सहायक शिक्षक एलबी द्वारा हाई कोर्ट बिलासपुर में इस बाबत रिट दायर किया गया था कि शिक्षक पंचायत संवर्ग के पदोन्नति /क्रमोन्नति नियम के तहत उनको क्रमोन्नत वेतनमान दिया जाना चाहिए ,क्योंकि वे शासन द्वारा क्रमोन्नति हेतु निर्धारित एक ही पद पर 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके हैं। 

माननीय उच्च न्यायालय में हुए सुनवाई के पश्चात माननीय न्यायालय द्वारा याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए जनपद पंचायत बस्तर को याचिकाकर्ता के साथ -साथ लगभग 33 सहायक शिक्षक एलबी को क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान करने का निर्णय दिया था। 

माननीय न्यायालय के फैसले के आधार पर जनपद पंचायत बस्तर द्वारा याचिकाकर्ता सहित 33 सहायक शिक्षक एलबी को क्रमोन्नत वेतनमान हेतु आदेश जारी किया गया था ,इस निर्णय से अन्य जिलों के शिक्षक माननीय कोर्ट के शरण में जाते ठीक उससे पहले ही जनपद पंचायत बस्तर द्वारा दिनांक 16.05.19 को क्रमोन्नत वेतनमान दिए जाने संबंधी अपने ही आदेश को यह कहते हुए निरस्त कर दिया ,कि छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग महानदी भवन ,अटल नगर ,नवा रायपुर के आदेश क्रमांक /पंचा /पं.ग्रां वि वि /22/2014 /8244 दिनांक 14.11.2014 के द्वारा विभाग के आदेश दिनांक 17.05.13 के तहत शासकीय शिक्षकों के समतुल्य वेतन दिए जाने से दिनांक 02.11.11 में जारी क्रमोन्नति वेतनमान की प्रासंगिकता नहीं रहने के कारण राज्य शासन द्वारा विभाग के आदेश क्रमांक  पंचा /पं.ग्रां वि वि /22/2011 /1094 को दिनांक 01.05.13 से भूतलक्षी प्रभाव से निरस्त किया गया है। 



उक्त आदेश का हवाला देते हुए जनपद पंचायत बस्तर द्वारा जारी क्रमोन्नति वेतनमान अपने ही आदेश को निरस्त कर दिया गया है। माननीय कोर्ट के फैसले के बाद भी क्रमोन्नति वेतनमान नहीं मिलने से शिक्षकों में निराशा है। 

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