शिक्षक पंचायत संवर्ग के महिला कर्मचारियों को शासन का बड़ा झटका......संतान पालन अवकाश की पात्रता नहीं होगी .....देखिये क्या है पूरा मामला


रायपुर 18 सितंबर 19 । शिक्षाकर्मी जो कि अब शिक्षक पंचायत संवर्ग के नाम से जाने जाते हैं ,उनका जीवन हमेशा ही संघर्षमय रहा है।  शिक्षाकर्मी का जन्म अविभाजित मध्य प्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी के कार्यकाल काल में हुआ था ,तब शिक्षाकर्मी की नियुक्ति प्रत्येक शिक्षा सत्र में दस माह के लिए हुआ करता था।



धीरे धीरे नियमों में बदलाव होता गया और शिक्षाकर्मियों को प्रत्येक शिक्षा सत्र नियुक्त करने के स्थान पर स्थाई तौर पर नियुक्त किया जाने लगा ,परन्तु अब भी किसी प्रकार के अवकाश तथा भत्ते की पात्रता नहीं था ,शिक्षाकर्मियों को एक सी एल के लिए भी संघर्ष करना पड़ा है ।

शिक्षाकर्मियों का संघर्ष जारी रहा और वर्षों के संघर्ष के बाद छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के घोषणा के पश्चात आठ वर्ष का सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षक पंचायत संवर्ग के कर्मचारियों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया। शासन के संविलियन नियम के अनुसार शिक्षक पंचायत संवर्ग का आठ वर्ष पूर्ण होने पर समय-समय पर स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया जाएगा। संविलियन होने वाले शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के समान सुविधाएं तो मिलने लगी ,परन्तु संविलियन से वंचित शिक्षक पंचायत संवर्ग के स्थिति में अपेक्षाकृत कोई सुधार नहीं हुआ।



इसका अंदाजा छत्तीसगढ़ शासन ,पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ,मंत्रालय ,नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश से लगाया जा सकता है, इस आदेश के मुताबिक़ पंचायत संचालनालय के अंतर्गत कार्यरत शिक्षक पंचायत संवर्ग के महिला कर्मचारियों को संतान पालन हेतु अवकाश की पात्रता नहीं है।

जी हाँ  छत्तीसगढ़ शासन ,पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दिनांक 17 सितंबर 19 को समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ,जिला पंचायत तथा समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत को जारी पत्र में स्प्ष्ट कहा गया है कि पंचायत संचालनालय के अधीन जिला /जनपद पंचायत में कार्यरत शिक्षक पंचायत संवर्ग के महिला कर्मचारियों को संतान पालन अवकाश की पात्रता होने के संबंध में वित्त विभाग का अभिमत अनुसार शिक्षक पंचायत संवर्ग के महिला कर्मचारियों को संतान पालन अवकाश की पात्रता नहीं होगी।



इस पत्र में यह भी कहा गया है कि वित्त विभाग के निर्देशानुसार महिला शासकिय कर्मचारियों को उनके 18 वर्ष से कम उम्र के 2 ज्येष्ठ जीवित संतानों के पालन पोषण हेतु सम्पूर्ण सेवाकाल में अधिकतम 730 दिन के कालावधि  के लिए संतान पालन अवकास स्वीकृत किया गया है। शिक्षक एलबी न्यूज़ व्हाट्सएप ग्रुप

        

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