अब इस जिले में ऑफलाइन क्लास पर लगा रोक ,,,,,,क्यों बंद किया गया ऑफलाइन क्लास,,,,पूरी रिपोर्ट देखें



कलेक्टर महोदय के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने ऑफलाइन क्लास के संचालन पर रोक लगा दिया है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा दिनांक 13.08.2020 को जिले के अंतर्गत सर्व विकास खंड शिक्षा अधिकारी ,सर्व प्राचार्य ,हाई स्कूल /हायर सेकेंडरी को पत्र जारी कर ऑफलाइन क्लास आगामी आदेश पर्यन्त तक तत्काल रोक लगाने को कहा गया है। 


मामला बालोद जिले का है ,जहां कोरोना वायरस संक्रमण में वृद्धि को देखते हुए कलेक्टर महोदय के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ऑफलाइन क्लास तत्काल प्रभाव से स्थगित करा दिया गया है। 

जिले में सभी प्रकार के ऑफलाइन क्लास पर रोक -

इस पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि शिक्षक /विद्यार्थियों द्वारा स्वैच्छिक रूप से ऑफलाइन पढ़ाई के तहत लाउड स्पीकर/पढ़ई तुंहर पारा /ब्लूटूथ के माध्यम से अध्यापन कार्य प्रारम्भ किये गए हैं ,कोरोना संक्रमण में वृद्धि को देखते हुए उक्त ऑफलाइन क्लास आगामी आदेश पर्यन्त स्थगित किया जाता है। 


ऑफलाइन क्लास में बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा -

चूँकि वर्तमान में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रहा है ,ऐसे में ऑफलाइन क्लास के दौरान कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। हाई /हायर सेकंडरी के बच्चे बड़े होते हैं इस लिए वे सोशल डिस्टेंसिंग तथा कोरोना रोकथाम हेतु जारी निर्देशों का पालन कर सकते हैं ,परन्तु प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के बच्चों को ऑफलाइन क्लास के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना शिक्षक तथा वालेंटियर्स के लिए मुश्किल साबित हो जाता है। 

ऑफलाइन क्लास में शिक्षक /वालेंटियर्स का ध्यान पढ़ाई से ज्यादा  सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने में लगा रहता है ,इसके अलावा बरसात के मौसम में बैठक व्यवस्था के लिए परेशान होना पड़ता है। 

ऑफलाइन क्लास से घट चुकी है संक्रमण की घटना  -

प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच ऑफलाइन क्लास का संचालन कर रहे शिक्षक कोरोना पॉसिटिव पाया गया था ,जिससे शिक्षक तथा बच्चों को कोरेन्टाइन करना पड़ा था। शायद यदि कारण है कि ऑफलाइन क्लास को स्थगित किया जा। 

 शिक्षक संघ कर रहे हैं लगातार विरोध -

प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच ऑफलाइन क्लास के अधिकारीयों द्वारा शक्ति बरता जा रहा था ,परन्तु विभिन्न शिक्षक संगठन लगातार ऑफलाइन क्लास का विरोध कर रहे हैं ,शिक्षक संगठनों का कहना है कि बच्चों को पढ़ना उनका दायित्व है ,लेकिन ऑफलाइन क्लास से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। 


प्रदेश में जब कोरोना के मामले कम थे उस समय स्कूलों को बंद कर दिया गया था ,जबकि वर्तमान में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहा है ,उस समय ऑफलाइन क्लास का संचालन कोरोना संक्रमण को आमंत्रण देने जैसा है। 
कोरोना से हो चुकी है शिक्षक की मौत -

प्रदेश में कोरोना सर्वे ,प्रवासी मजदूरों को कोरेन्टाइन सेंटर्स तक छोड़ने के दौरान कई शिक्षक संक्रमित हो चुके हैं ,इनमें से कुछ की मौत भी हो चुकी है। हाल ही में बेमेतरा जिले के शिक्षक का कोरोना से मौत की खबर समाचारपत्रों में प्रकाशित हुआ था ,जिसका ड्यूटी कोरोना सर्वे में लगा था। 


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