कोरोना ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने से एक और शिक्षक की मौत......केदार जैन ने कही ये बड़ी बात

वैश्विक महामारी कोरोना का कहर रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है ,प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या एक लाख से ऊपर पहुँच चुकी है। कल राजधानी रायपुर में एक और शिक्षक की कोरोना संक्रमण के कारण मौत गई , प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षक का कोरोना सेम्पल कलेक्शन में ड्यूटी लगाया गया था ,तभी कोरोना से संक्रमित हुआ था। 

शासकीय हिन्दू हायर सेकंडरी रायपुर में पदस्थ श्री नीलेश देवांगन का तबियत अचानक खराब होने ,साँस लेने में तकलीफ के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराने एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा है ,परन्तु अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। 

कोरोना ड्यूटी के दौरान संक्रमण से शिक्षकों के बढ़ते मौतों के आकड़े के कारण संयुक्त शिक्षक संघ ने पर कड़ी प्रतिक्रिया जताया है। उन्होंने शासन ,प्रशासन से कोरोना ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को किट तथा प्रशिक्षण दिए जाने की मांग की है। 

केदार जैन ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को कोरोना ड्यूटी के कारण दिए जाने वाले 50 लाख की बीमा कवर का लाभ शिक्षकों को भी दिया जाय ,यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो कोरोना ड्यूटी का विरोध किया जायेगा तथा जरूरत पड़ने पर सड़क की लड़ाई भी लड़ी जाएगी।  

पहले भी कोरोना ड्यूटी के दौरान संक्रमण से शिक्षकों की हो चुकी है मौत -



शाला बंद होने से बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित शिक्षकों को कभी -कभी किसी भी विभाग के कार्यों में लगा दिया जा रहा है। कोरोना ड्यूटी से तो कोई शिक्षक नहीं बचे हैं ,प्रवासी मजदूरों को कोरेन्टाइन सेंटर्स तक लाना हो ,कोरेन्टाइन सेंटर्स में ड्यूटी करना हो ,कोरोना सर्वे हो सभी  कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। 

राजधानी रायपुर के साथ-साथ अन्य जिलों में शिक्षकों की ड्यूटी कोरोना संबंधी विभिन्न कार्य कांट्रेक्ट ट्रेसिंग ,एक्टिव सर्विलांस , कोरोना मरीजों की अस्पताल में भर्ती व रिकॉर्ड अपडेट ,स्वास्थ्य विभाग में डाटा एंट्री का कार्य ,एयरपोर्ट ,रेलवे स्टेशन ,चेक पोस्ट ,सेम्पल क्लेक्शन जैसे कार्यों में शिक्षकों ड्यूटी लगाया जा रहा है। कोरोना ड्यूटी के साथ-साथ ऑनलाइन तथा ऑफलाइन क्लास के माध्यम से बच्चों का पढ़ाई जारी रखने का प्रयास भी शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है ,जिसकी प्रशंसा माननीय प्रधानमंत्री भी कर चुके हैं। 

कोरोना ड्यूटी के दौरान संक्रमित हो कर अब तक लगभग 15 -20 शिक्षकों की मौत हो चुकी है । बेमेतरा ,बिलासपुर जिला में कोरोना ड्यूटी के दौरान संक्रमण के मौत की खबर तो आपने पढ़ा ही होगा ।दुखःद खबर यह है कि शिक्षकों की मौत का यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।

बिना प्रशिक्षण के शिक्षकों से कराई जा रही है कोरोना ड्यूटी -


एक ओर जहाँ प्रदेश में शाला बंद के दौरान ऑनलाइन तथा ऑफलाइन क्लास के माध्यम से लगातार शिक्षकों द्वारा बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का प्रयास किया जा रहा हैं ,वहीं दूसरी ओर कभी भी किसी भी विभाग के कार्यों में लगा दिया जा रहा है। 

 कोरोना महामारी के दौरान कोरेन्टाइन सेंटर्स में ड्यूटी करना हो ,मजदूरों को कोरेन्टाइन सेंटर्स तक पहुँचाना हो ,कोरोना सर्वे का कार्य हो उक्त सभी कार्यों को शिक्षकों ने शासन के अन्य विभागों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर  पूरी ईमानदारी से किए है। कोरोना से संबंधी विभिन्न कार्य कांट्रेक्ट ट्रेसिंग ,एक्टिव सर्विलांस , कोरोना मरीजों की अस्पताल में भर्ती व रिकॉर्ड अपडेट ,स्वास्थ्य विभाग में डाटा एंट्री का कार्य ,एयरपोर्ट ,रेलवे स्टेशन ,चेक पोस्ट ,सेम्पल क्लेक्शन जैसे कार्यों में अब भी शिक्षकों ड्यूटी लगाया जा रहा है।

 शिक्षकों का कहना है कि चाहे कोरोना ड्यूटी ही क्यों न हो ,वे करने को तैयार हैं और करते भी आ रहे हैं ,परन्तु प्रदेश में जब कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रहा है ,ऐसे में उन्हें किट और प्रशिक्षण की आवश्यकता है ,साथ ही उन्हें बीमा कवर भी दिया जाना चाहिए।

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विभिन्न कार्यों में लगाई जा रही है शिक्षकों की ड्यूटी -


शिक्षकों की ड्यूटी मूल कार्यों के अतिरिक्त जिस प्रकार स्वास्थ्य विभाग में डेटा एंट्री कोरोना डेटा कलेक्शन और एयरपोर्ट पर लगाई जा रही है ,उसके बाद शायद ही शासन का कोई विभाग बचा है ,जिसमें शिक्षकों की ड्यूटी लगाया जाना बचा हो । कोरोना से संबंधी विभिन्न कार्य कांट्रेक्ट ट्रेसिंग ,एक्टिव सर्विलांस , कोरोना मरीजों की अस्पताल में भर्ती व रिकॉर्ड अपडेट ,स्वास्थ्य विभाग में डाटा एंट्री का कार्य ,एयरपोर्ट ,रेलवे स्टेशन ,चेक पोस्ट ,सेम्पल क्लेक्शन जैसे कार्यों में अब भी शिक्षकों ड्यूटी लगाया जा रहा है।

शिक्षा गुणवत्ता में सुधार नही होने के सबसे बड़े कारणों में से एक कारण यह भी है कि शिक्षकों से मूल कार्यों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के कार्यों में संलग्न कर दिया जाता है।

शिक्षकों से कराया जा रहा कोरोना ड्यूटी तो फिर बीमा कवर क्यों नहीं-

स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारियों को कोरोना ड्यूटी के कारण शासन द्वारा 50 लाख का बीमा कवर दिया गया है। शिक्षकों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को शासन द्वारा जो 50 लाख का बीमा कवर दिया गया है वह बहुत ही सराहनीय है ,परन्तु शिक्षकों से कोरोना ड्यूटी कराई जा रही है तो उन्हें भी बीमा कवर दिया जाना चाहिए।

शिक्षकों का यह मांग वाजिब भी है क्योंकि उसी कोरोना ड्यूटी में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को 50 लाख का बीमा कवर दिया गया है वहीं शिक्षकों से कोरोना ड्यूटी तो लिया जा रहा है ,परन्तु बीमा का लाभ नही दिया जा रहा है।

कोरोना ड्यूटी के दौरान संक्रमित होकर जिस प्रकार शिक्षकों की मौत हो रही है ,उसको देखते हुए शिक्षकों का मांग सही है,क्योंकि कोरोना संक्रमण से मौत होने पर उनका परिवार बीमा कवर के मदद से अपना जीवन सम्मानपूर्वक जी सकेंगे।

शिक्षक के मौत से दुखी केदार जैन ने ये कहा-


कोरोना संक्रमण से शिक्षक की मौत से दुखी केदार जैन ने कहा है कि स्वास्थ्य केंद्र में डेटा एंट्री ,एयरपोर्ट ,कोरोना सेम्पल कलेक्शन में जिस प्रकार शिक्षकों ड्यूटी लगाई जा रही है ,उससे शिक्षकों को संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है ,जब शासन स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारियों को कोरोना ड्यूटी के कारण 50 लाख का बीमा कवर दे रही है ,तो शिक्षकों को भी 50 लाख का बीमा कवर देना चाहिए।

यदि स्वास्थ्य विभाग के किसी कर्मचारी की मृत्यु कोरोना संक्रमण के कारण होती है तो उनके परिवार वालों को 50 लाख का बीमा मिलेगा ,परन्तु उसी कोरोना ड्यूटी के कारण किसी शिक्षक की मौत होती है तो उसके परिवार को कुछ नहीं मिलता ,जोकि अन्याय है। 

बीमा कवर नहीं दिए जाने पर किया जाएगा कोरोना ड्यूटी का विरोध -



शिक्षकों की ड्यूटी यदि कोरोना से जुड़े कार्यों में लगाया जाता है तो उन्हें भी 50 लाख का बीमा कवर दिया जाना चाहिए ,उन्होंने शासन ,प्रशासन से मांग करते हुए कहा है कि कोरोना ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को किट ,प्रशिक्षण और 50 लाख का बीमा कवर दिया जाय ,यदि शिक्षकों को बीमा कवर का लाभ नहीं दिया गया तो कोरोना ड्यूटी का विरोध किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर सड़क की लड़ाई लड़ी जाएगी।  

शिक्षक संगठन लगातार बीमा कवर का कर रहा है मांग-

प्रदेश में शिक्षकों के 10 से 12 संगठन है ,सभी संगठनों द्वारा कोरोना ड्यूटी के लिए स्वास्थ्य विभाग के लिए प्रावधान किये गए बीमा कवर का लाभ शिक्षकों को भी दिए जाने का लगातार मांग कर रहे हैं ,परन्तु शासन द्वारा अभी भी शिक्षकों के लिए कोरोना ड्यूटी पर बीमा कवर का प्रावधान नहीं किया गया है।  

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