फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी.......सेवा समाप्त करने का निर्देश

प्रदेश में शासन के विभिन्न विभागों में फर्जी /गलत प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने वाले शासकीय सेवकों का सेवा समाप्त करने का कवायद शुरू हो गया है | प्रदेश में अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति ,अन्य पिछड़ा वर्ग के झूठे प्रमाण पत्र के आधार नौकरी करने के सम्बन्ध में लगातार मिल रही शिकायतों के कारण यह कदम उठाया गया है |


छत्तीसगढ़ शासन ,सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय ,महानदी भवन ,नवा रायपुर ,अटल नगर द्वारा दिनांक 05-12-2020 को शासन के समस्त विभाग ,अध्यक्ष ,छत्तीसगढ़ राजस्व मंडल बिलासपुर ,समस्त सम्भागीय आयुक्त ,समस्त विभागाध्यक्ष ,समस्त कलेक्टर्स ,समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ,जिला पंचायत ,छत्तीसगढ़ को इस सम्बन्ध में पत्र जारी कर दिया गया है |

छत्तीसगढ़ शासन ,सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय दिनांक 05-12-2020 जारी पत्र में सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 13-16 /2015 /आ प्र /1-3 दिनांक 16.10.2019 समसंख्यक परिपत्र दिनांक 30.11.2019 का सन्दर्भ देते हुए अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति ,अन्य पिछड़ा वर्ग के झूठे प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने वाले शासकीय सेवकों की सेवाएं समाप्त करने को कहा गया है |

क्या कहा गया है आदेश में -

दिनांक 05.12.2020 को जारी में कहा गया है कि ऐसे शासकीय सेवकों की सेवाएं तत्काल समाप्त की जानी है ,जिनके जाति प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति द्वारा फर्जी /गलत पाए गये हैं | अतः आपके विभाग के अधीनस्थ कार्यरत अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति ,अन्य पिछड़ा वर्ग के ऐसे अधिकारी /कर्मचारी जिनके जाति प्रमाण पत्र ,जाति प्रमाण पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा झूठे पाए जाने पर निरस्त कर दिया गया है |

उन प्रकरणों में सामान्य प्रशासन विभाग के नियम -निर्देशों के अनुपालन में क्या कार्यवाही की गई है ,उन समस्त प्रकरणों में की गई कार्यवाही की अद्यतन की जानकारी तत्काल इस विभाग एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था |

मुख्यमंत्री जी के निर्देश के अनुपालन में कार्यवाही -

माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति ,अन्य पिछड़ा वर्ग के झूठे प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने वाले सेवकों का सेवाएं समाप्त करने का निर्देश दिया गया था ,जिसके अनुपालन में समस्त विभागों के विभागाध्यक्ष को ऐसे प्रकरण में उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा गलत /फर्जी कर्मचारी /अधिकारी का तत्काल सेवा /महत्वपूर्ण पदों से पृथक करने को कहा गया है |

साथ ही ऐसे प्रकरणों में महाधिवक्ता ,छत्तीसगढ़ के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय में शीघ्र सुनवाई करने का अनुरोध किये जाने को कहा गया है | यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी जिनका माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन प्रस्ताव नही प्राप्त हुआ है ,उन्हें तत्काल सेवा से बर्खास्त करने को कहा गया है |

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में कैविएट दायर करने के निर्देश -

यदि कोई कर्मचारी /अधिकारी माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त किये हैं ,उनका सेवा समाप्ति आदेश जारी करने के पहले प्रशासकीय विभाग द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में  कैविएट दायर करने तथा स्थान समाप्त करने की कार्यवाही प्रशासकीय विभाग द्वारा तत्परतापूर्वक करने को कहा गया है |

इससे स्पष्ट है कि उच्च स्तरीय जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति द्वारा किसी भी विभाग के जिन अधिकारी / कर्मचारी का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है ,उसका सेवा समाप्त होना तय है , इस बार शासन एक्शन के मुड में है ,माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन प्राप्त करने वाले भी नही बचने वाले | 

फर्जी प्रमाण पत्र धारकों पर की गई कार्यवाही की जानकारी 7 दिवस के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश -

छत्तीसगढ़ शासन ,सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार उच्च स्तरीय जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति के द्वारा विभागवार फर्जी प्रमाण पत्र धारकों पर की गई कार्यवाही की अद्यतन की जानकारी 7 दिवस के भीतर छत्तीसगढ़ शासन ,सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है |

तत्काल सेवा समाप्त करने के निर्देश -

छत्तीसगढ़ शासन ,सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय द्वारा शासन के समस्त विभाग ,अध्यक्ष ,छत्तीसगढ़ राजस्व मंडल बिलासपुर ,समस्त सम्भागीय आयुक्त ,समस्त विभागाध्यक्ष ,समस्त कलेक्टर्स ,समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ,जिला पंचायत ,छत्तीसगढ़ को जारी पत्र के अनुसार झूठे (फर्जी एवं गलत ) प्रमाण पत्र वाले शासकीय सेवकों का सेवा तत्काल समाप्त किया जाना है |

अन्य फर्जी प्रमाण पत्र -


फर्जी जाति प्रमाण पत्र की तरह फर्जी दिव्यान्गता प्रमाण पत्र वाले शासकीय सेवक ,खासकर श्रवण बाधित का छानबीन होना जरुरी है ,क्योंकि फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने वालों लगभग सभी विभागों में मिले हैं ठीक वैसे ही फर्जी श्रवण बाधित प्रमाण पत्र वाले शासकीय सेवक भी मिल जायेंगे |

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