MDM सूखा राशन वितरण का निर्देश जारी हुआ

 कोरोना वायरस से बचाव एवं नियंत्रण के मद्दे नजर शाला बंद के कारण लोक शिक्षण संचालनालय, इन्द्रावती भवन ,नवा रायपुर द्वारा विद्यार्थियों को 42 दिन का सूखा राशन वितरण करने के निर्देश जारी हुआ है | लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार विद्यार्थियों को माह नवम्बर 2020 तथा दिसम्बर 2020 का कुल 42 दिन का सूखा राशन वितरण किया जाना है |

दिनांक 28.11.2020 को लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा समस्त जिला शिक्षा अधिकारी ,छत्तीसगढ़ को पत्र जारी कर दिया गया है | इससे पहले 63 दिन का सूखा राशन वितरण के सम्बन्ध में पत्र जारी हुआ था ,जिसका वितरण किया जा चूका है ,अब माह नवम्बर तथा दिसम्बर 2020 का सूखा राशन वितरण किया जाना है |

लोक शिक्षण संचालनालय से जारी आदेश में क्या कहा गया है -


राज्य कार्यालय लोक शिक्षण संचालनालय ,इन्द्रावती भवन ,रायपुर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं नियंत्रण हेतु राज्य में शालाओं को आगामी आदेश तक के लिए बंद रखने का आदेश राज्य शासन द्वारा जारी किया गया है |

मध्यान्ह भोजन योजना नियम -2015 में दिए प्रावधानों के अंतर्गत बच्चों को शाला बंद रहने की अवधि में खाद्य सुरक्षा भत्ता प्रदान किया जाना है |बच्चों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा का सूखा चावल एवं निर्धारित कुकिंग कास्ट की राशि से अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री (दाल ,तेल ,सूखी सब्जी इत्यादि ) वितरित किया जाना है | आधिक जानकारी के लिए आदेश का pdf जरुर देखें |

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मध्यान्ह भोजन योजना के गाइड लाइन का करना होगा पालन -

मध्यान्ह भोजन योजना के गाइड लाइन के अनुसार कक्षा 1 ली से 8 वीं तक के उन बच्चों को जिनका नाम शासकीय शाला ,अनुदान प्राप्त शाला ,मदरसा -मकतबा में दर्ज है ,उन्हें माह नवम्बर तथा दिसम्बर 2020 का सूखा राशन वितरण किया जाना है |

कोरोना के नियंत्रण हेतु जारी नियमों का करना होगा पालन -

भारत सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा कोरोना के नियंत्रण के सम्बन्ध में जारी निर्देशों का पालन करते हुए सूखा राशन का वितरण किया जाना है | सूखा राशन का वितरण घर -घर पहुंचाकर कर अथवा शाला में किया जाना है | वितरण के दौरान बच्चों / पालकों के मध्य सामाजिक दूरी बनाये रखना है |

पृथक -पृथक सील बंद पैकेट- 


42 दिन का सूखा राशन-चावल ,दाल ,सब्जी ,तेल इत्यादि का अलग -अलग पैकेट सील बंद तैयार करना है तथा सभी पैकेट को प्रति बच्चे के हिसाब से एक बड़े पैकेट में रखना है | 

सामग्री की गुणवत्ता -

 लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार वितरित की जाने वाली खाद्य सामग्रियां उच्च गुणवत्ता वाला होना चाहिए | गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वितरण हेतु खाद्य सामग्रियों का पैकिंग से पूर्व तथा पैकिंग के पश्चात् फोटोग्राफ लिया जाना है | 

यदि सामग्री के गुणवत्ता के सम्बन्ध में शिकायत प्राप्त होती है तो जाँच के लिए सामग्री के ब्रांड का फोटोग्राफ तथा सामग्री का नमूना 1 माह तक तक के लिए रखनी है |

सोयाबीन बड़ी को लेकर संशय -

इससे पूर्व जो 63 दिन का राशन वितरण किया गया ,उसमें सूखी सब्जी सोयाबीन की बड़ी विभाग के माध्यम से ही प्राप्त हुआ था ,परन्तु  लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी पत्र में इस सम्बन्ध में कोई स्पष्ट निर्देश नही दिया गया है , जिससे शिक्षकों में संशय का स्थिति बना हुआ है क्योंकि 63 दिन के सूखा शासन वितरण में कुछ समूहों द्वारा सोयाबीन की बड़ी मार्किट से खरीद लिया गया था | विभाग के माध्यम से सोयाबीन की बड़ी प्राप्त होने पर मध्यान्ह भोजन संचालन कर्ता समूह को मार्किट से खरीदी गई बड़ी को वापस करना पड़ा था |

माह नवम्बर तथा दिसम्बर 2020 का 42 दिन के सूखा राशन वितरण हेतु क्या सोयाबीन की बड़ी विभाग द्वारा दिया जायेगा या संचालन कर्ता समूह को स्थानीय स्तर पर बाजार से खरीदना है ,इस सम्बन्ध में स्पष्ट निर्देश की आवश्यकता है |

सामग्री की मात्रा -


42 दिन का सूखा राशन वितरण हेतु जो निर्देश जारी हुआ है ,उसके अनुसार प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक शाला के लिए प्रतिदिन तथा प्रतिछात्र के हिसाब से 42 दिन का मात्रा नीचे दिया जा रहा है | 

चावल पूर्व की तरह शासकीय उचित मूल्य के दुकान से ही प्राप्त होगा , यदि आप प्रधान पाठक या मध्यान्ह भोजन प्रभारी हैं तो आपको 42 दिन का सूखा राशन वितरण हेतु आवश्यक तैयारी कर लेना चाहिए |

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