2837 नवीन संकुल केंद्रों की गठन को मिली स्वीकृति .......देखिये किस जिले में कितने नये संकुल बनाये गए

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शिक्षा सत्र 2020 -2021 के लिए नवीन संकुल केंद्र की गठन को स्वीकृति दे दिया गया है,जिसके आधार पर संकुल केन्द्रों का पुनर्गठन गठन किया जाना है  , छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रस्ताव के आधार पर 2837 नवीन संकुल केन्द्रों के गठन को स्वीकृति दिया गया है |


छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग ,मंत्रालय ,महानदी भवन ,अटल नगर ,रायपुर द्वारा आज दिनांक 11 जनवरी 2021 को जिलावार स्वीकृत संकुल केन्द्रों की सूची जारी कर दिया गया है | सूची का अवलोकन करने से पता चलता है कि कुछ ही जिले ऐसे हैं जहाँ नवीन संकुलों की संख्या 50 या उससे कम है ,जबकि अधिकांश जिलों में नवीन संकुलों की संख्या 50 से अधिक है | 

शासन का मंशा साफ है , संकुलों की संख्या अधिक होने से मानिटरिंग प्रक्रिया में कसावट आएगी ,जिससे बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा ,अब देखना ये हैं कि क्या नवीन संकुल बनने के बाद शासन की मंशानुरूप परिणाम सामने आता है |

पूर्व में संचालित संकुल केंद्र -

शासन द्वारा पूर्व में संचालित संकुल केन्द्रों की संख्या में वृद्धि किया गया था ,ताकि शाला मानिटरिंग को और सशक्त किया जा सके | संकुलों की संख्या में वृद्धि के बाद संकुल समन्वयकों की नियुक्ति भी किया गया था | पूर्व में स्वीकृत संकुल केंद्र जो कि वर्तमान में संचालित है , उसकी संख्या 2703 है ,जिसके आधार पर शालाओं का मानिटरिंग किया जा रहा है |

स्वीकृत नवीन संकुल केंद्र-

राज्य शासन द्वारा प्रस्ताव अनुसार सत्र 2020-2021 के लिए संकुल केंद्रों की संख्या में वृद्धि किया गया है | दिनांक 11 जनवरी 2021 को छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय , महानदी भवन ,अटल नगर नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूर्व में संचालित 2703 संकुल केन्द्रों के अलावा 2837 नवीन संकुल केन्द्रों को स्वीकृति दिया गया है |

पूर्व में संचालित संकुल केन्द्रों तथा नवीन संकुल केन्द्रों को मिला कर प्रदेश में संकुल केन्द्रों की संख्या  कुल 5540 हो गया है |

नवीन संकुल केंद्र गठन के उद्देश्य -

नवीन संकुल केन्द्रों के गठन का मुख्य उद्देश्य संकुल केंद्र व्यवस्था तथा मानिटरिंग सिस्टम को  को सुदृण करना है ,इसका प्रभाव सीधे -सीधे बच्चों की गुणवत्ता पर पड़ेगा | नवीन संकुल गठन के यदि भावी परिणाम की बात करें तो निश्चित ही यह गुणवत्ता सुधार की दिशा में बहुत हद तक मददगार साबित होगा |

जिलावार स्वीकृत संकुल केन्द्रों की संख्या -


संकुल केन्द्र के लिए मद -

नवीन स्कूल केंद्र के स्वीकृति के बाद बात आती है वित्तीय पोषण की ,इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय , महानदी भवन ,अटल नगर नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है ,कि जिस प्रकार पूर्व में संचालित संकुलों के लिए वित्तीय पोषण समग्र शिक्षा मद के लिए किया जाता है ,नवीन संकुलों के लिए वित्तीय पोषण समग्र शिक्षा मद से किया जाना है|

अर्थात प्रदेश में नवीन संकुलों की स्वीकृति के बाद कुल 5540 संकुलों की संख्या हो जाएगी ,जिसके लिए मद की व्यवस्था समग्र शिक्षा से किया जाना है |

स्कूल प्रभारी तथा शिक्षण कार्य -

संकुल केंद्र बनने के बाद संकुल समन्वयक तथा संकुल प्रभारी के रूप में शिक्षकों की ही नियुक्ति की जाती है , जिसके कारण सम्बन्धित शिक्षक जिसे संकुल प्रभारी ,संकुल समन्वयक बनाया जाता है ,उसके शाला में बच्चों के गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ता है ,क्योंकि संकुल प्रभारी ,संकुल समन्वयक बनने के बाद शिक्षक संकुल के ही कार्यों में उलझा रहता है | अपने शाला के विद्यार्थियों के लिए बहुत कम समय निकाल पता है |

इस आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है कि जो भी संकुल प्रभारी होंगे वे पूर्ववत अपने शाला में पढ़ाते रहेंगे ,इससे स्पष्ट है कि संकुल प्रभारी को अपने शाला में अध्यापन कार्य जारी रखना होगा |


कार्यालय व्यवस्था -

संकुल केंद्र की व्यवस्था अकादमिक सहयोग के लिए है |संकुल केवल समग्र शिक्षा के कार्यक्रम को सुचारू रूप से सञ्चालन की व्यवस्था मात्र है , इनका कोई पृथक कार्यालय नही है और इसकी किसी प्रकार की पद स्वीकृति नही की जा सकती | 

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