बिना बीमा कवर कोरोना जाँच दल में ड्यूटी.......शिक्षकों में मचा हडकम्प

कोरोना टीका लगाये जाने और 50 लाख की बीमा कवर देने की मांग कर रहे शिक्षकों को कोरोना का टीका और 50 लाख का बीमा कवर तो नही मिला , लेकिन कोरोना जांच दल में ड्यूटी जरुर लगा दी गई | शिक्षकों में कोरोना ड्यूटी लागाये जाने से हडकम्प मच गया है |


मामला सुकमा जिले का हैं .जहाँ अनुविभागीय अधिकारी (रा .) एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी कोंटा द्वारा कोरोना जांच दल में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है | शिक्षक कोरोना दल के साथ राज्य सीमा पर विभिन्न वाहनों में सफर करने वाले यात्रियों का निगरानी करेंगे तथा कोरोना जांच में सहयोग भी करेंगे |

अभी तक विभिन्न जिलों में शिक्षकों की ड्यूटी प्रवासी मजदूरों को रेलवे स्टेशन से कोरेंटाइन सेंटरों तक लाने ,कोरेंटाइन सेंटरों में ड्यूटी करने ,मुहल्लों /वार्डों में कोरोना सर्वे में ही ड्यूटी लगाई गई है | प्रदेश में यह पहला मामला है कि सीधे तौर पर कोरोना जांच दल में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है |

क्या कहा गया है आदेश में -

दिनांक 09.04.2021 को अनुविभागीय अधिकारी (रा .) एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी कोंटा द्वारा जारी ड्यूटी आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा COVID-19 के रोक थाम हेतु कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुकमा के निर्देशानुसार दोरनापाल (छत्तीसगढ़ ) से सटे दोरनापाल -पोडिया (ओड़िसा ) मार्ग से आने जाने वाले विभिन्न वाहनों के माध्यम से यात्रा करने वाले यात्रियों पर निगरानी बनाये रखने एवं COVID-19 टेस्ट करने व संदिग्ध मरीज की पहचान होने के उपरांत छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार समुचित कार्यवाही हेतु सूची में दिए गये कर्मचारियों की ड्यूटी दोरनापाल -पोडिया मार्ग पर आगामी आदेश पर्यन्त के लिए लगाई जाती है |

अप्रशित शिक्षक कैसे करेंगे ड्यूटी-

हालांकि शिक्षकों की ड्यूटी सहयोगी के रूप में लगा है, इसके लिए प्रशिक्षण भी जरूरी नही समझा गया है। क्या शिक्षकों को भी पी पी कीट दिया जाएगा, इस सम्बंध में आदेश में कोई उल्लेख नही है। बिना प्रशिक्षण शिक्षक कोविड ड्यूटी कैसे करेंगे? 

जांच दल में इनकों किया गया है शामिल -

दोरनापाल -पोडिया मार्ग पर विभिन्न वाहनों के माध्यम से यात्रा कर रहे यात्रियों पर निगरानी रखने ,COVID-19 टेस्ट करने व संदिग्ध मरीज की पहचान होने के उपरांत छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार समुचित कार्यवाही हेतु दो पालियों में जाँच दल का गठन किया गया है |

प्रथम पाली में 1 डाक्टर ,1 नर्स और  4 शिक्षकों शामिल किया गया है ,ठीक इसी प्रकार दूसरी पाली में 1 डॉक्टर ,1 नर्स और 4 शिक्षक उपस्थित होंगे | इस प्रकार प्रथम पाली का समय सुबह 6 बजे से 2 बजे तक तथा द्वितीय पाली वाले दल में शामिल कर्मचारियों को दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 तक उपस्थित रह कर कोरोना जाँच तथा यात्रियों का निगरानी करना होगा  |

बिना बीमा कवर संक्रमित होने पर जवाबदारी किसकी -

कोरोना टीका और बीमा कवर की मांग कर रहे शिक्षकों को बीमा कवर तो नही दिया गया है ,परन्तु कोरोना जांच में ड्यूटी जरुर लगा दी गई है ,यदि कोई शिक्षक कोरोना जाँच के दौरान संक्रमित होते हैं और किसी की मृत्यु हो जाती है तो बिना बीमा कवर के उनके परिवार वालों के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाएगी |यदि कोई शिक्षक ड्यूटी के दौरान संक्रमित होते हैं तो बिना बीमा कवर के उनके परिवार वालों की जवाबदारी किसकी होगी ?  

कार्य एक समान तो पालिसी अलग -अलग क्यों -

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला सुकमा ने कहा है कि जब डाक्टर और नर्स को उसी कार्य के लिए 50 लाख का बीमा कवर दिया गया है ,तो शिक्षक के लिए नियम क्यों अलग है | क्या शिक्षक राज्य सरकार के कर्मचारी नहीं है ? क्या शिक्षक कोरोना जांच के दौरान संक्रमित नही हो सकते ? क्या शिक्षकों का परिवार नही है ? छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला सुकमा ने मांग किया है कि कोरोना जांच में ड्यूटी लगाये गये शिक्षकों को 50 लाख का बीमा कवर दिया जाय |

बीमा कवर नही, सता रहा परिवार की भरण- पोषण की चिंता -


कोरोना जांच टीम में ड्यूटी लगाये गये ,शिक्षकों का कहना है कि वे कोरोना से जुड़ी सभी ड्यूटी करने को तैयार हैं ,परन्तु उन्हें 50 लाख का बीमा कवर दिया जाना चाहिए | यदि ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने उनके साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घट जाती है तो उनके परिवार वालों को आर्थिक मदद मिल जायेगा | कई शिक्षक ऐसे हैं जो अपने परिवार का एक ही कमाऊ सदस्य हैं |

कोरोना से अब तक 30 से 35 शिक्षकों की जा चुकी है जान -

मुहल्ला क्लास ,कोरोना सर्वे ,प्रवासी मजदूरों को लाने तथा विभिन्न ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमितों के सम्पर्क में आने से प्रदेश में अब तक 30 से 35 शिक्षकों की जान जा चुकी है | शिक्षक संगठन लगातार बीमा कवर की मांग कर रहे हैं ,परन्तु शासन द्वारा इस सम्बन्ध में अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नही आया है |

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