कोरोना का तांडव........कोरोना से तीन दिनों में पांच शिक्षकों की मौत

वैश्विक महामारी कोरोना ने एक बार फिर से प्रदेश में तांडव मचाना शुरू कर दिया है ,पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में लगातार कोरोना के नये -नये मामले सामने आ रहे हैं | प्रदेश में कोरोना के बढ़ते रफ्तार पर लगाम लगाने सरकार द्वारा नाईट कर्फ्यू लागु किया गया है | विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन द्वारा रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक नाईट कर्फ्यू लगाया गया है |


कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच राज्य शासन द्वारा कैबिनेट के बैठक में वैक्सीनेशन में और गति लाने का निर्णय लिया गया है ,कैबिनेट के निर्णय के आधार पर शिक्षकों की ड्यूटी भी वैक्सीनेशन केन्द्रों में लगाया गया है | रायपुर ,दुर्ग ,राजनंदगांव जैसे शहरों में कोरोना के सबसे ज्यादा केस सामने आ रहे है |

विगत तीन दिनों में कोरोना से संक्रमित होकर खैरागढ़ ब्लाक के पांच शिक्षकों की मौत हो चुकी है ,जिसके बाद से शिक्षकों में खलबली मची हुई है | शिक्षक शाला जाने से डरने लगे हैं ,फिर भी नौकरी जाने के भय के कारण शिक्षक नियमित शाला जा रहे हैं |

राजनंदगाँव हरिभूमि में प्रकाशित खबर के अनुसार पिछले तीन दिनों में पांच शिक्षकों की मौत के बाद भी शिक्षक स्कूल जाने को मजबूर हैं | 

प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 मार्च को खैरागढ़ कके देवारी में पदस्थ प्रधान पाठक राजेश्वर राव की कोरोना से मौत हो गई |वहीँ 31 मार्च को प्राथमिक शाला मलैदा में पदस्थ संतोष कुमार ठाकुर की मौत हो गई है | इसी तरह पूर्व माध्यमिक शाला रगरा में पदस्थ शिक्षक लेखराम जंघेल ,पेंड्री कला मिडिल स्कूल में पदस्थ शिक्षक गयाराम साहू व मिडिल स्कूल दिलीपपुर में पदस्थ शिक्षक मंगलदास बंजारे की कोरना से मौत हो चुकी है |

बताया जाता है कि कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सभी शिक्षकों को रायपुर में भर्ती कराया गया था | शिक्षकों के मौत के खबर से शिक्षक बहुत ज्यादा डरे हुए हैं ,परन्तु शासन के आदेशानुसार स्कूलों में उपस्थिति दे रहे हैं | शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहा है , इस लिए उन्हें भी कोरोना का टिका लगाया जाना चाहिए | 

कोरोना से पहले भी शिक्षकों की हो चुकी है मौत -

प्रवासी मजदूरों को लाने ,कोरोना सर्वे के दौरान संक्रमित होने से पहले भी कई शिक्षकों की मौत हो चुकी है | शासन द्वारा कोरोना ड्यूटी में लगे अधिकारी कर्मचारी को कोरोना वारियर्स का दर्जा देने के साथ -साथ 50 लाख का बीमा कवर दिया गया है | कोरोना ड्यूटी करते अब तक दर्जन भर से अधिक शिक्षकों की मौत हो चूका है ,परन्तु शासन द्वारा अभी शिक्षकों को किसी प्रकार का बीमा कवर नही दिया गया है |

शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर -
 
45 वर्ष या उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों के लिए राज्य शासन द्वारा कोरोना टिका को अनुमति दे दिया गया है ,इस उम्र के अधिकारी कर्मचारी भी टिका लगवा सकते हैं | कोरोना टिका की मांग कर रहे शिक्षकों के लिए यह राहत भरी खबर है | कोई भी अधिकारी -कर्मचारी जिनका उम्र 45 वर्ष या उससे अधिक है अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर टीकाकरण करा सकते हैं |

विकासखंड शिक्षा अधिकारी और प्राचार्यों को कोरोना टिका लगाये जाने के सम्बन्ध में मौखिक आदेश जारी कर अपने अधिनस्त अधिकारी -कर्मचारियों को टिका लगवाने सुचना प्रसारित करने को कहा गया है | 

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