सम्भागीय संयुक्त संचालक,लोक शिक्षण ने समझा शिक्षकों का दर्द.......मार्गदर्शन हेतु संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय को लिखा पत्र

वाह ! सम्भागीय संयुक्त संचालक ,लोक शिक्षण हो तो ऐसा ,ये हम नही कह रहे हैं , ये कहना है आम शिक्षकों का । कोरोना काल मे कोरोना वारियर्स की भूमिका निभा रहे शिक्षकों की मांग के सम्बंध में सम्भागीय संयुक्त संचालक ,लोक शिक्षण ,बस्तर संभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मार्गदर्शन हेतु पत्र लिखा है।


शिक्षकों की मांग पर गम्भीरतापूर्वक विचार करते हुए सम्भागीय संयुक्त संचालक ,लोक शिक्षण बस्तर ने संचालक ,लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ को मार्गदर्शन हेतु पत्र लिखा है , जिसकी खूब तारीफ़ हो रही है।

क्या है मामला -

दरअसल 4 अप्रैल 2021 को छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला बस्तर द्वारा  सम्भागीय संयुक्त संचालक ,बस्तर सम्भाग को ज्ञापन सौंप कर शिक्षकों कोरोना काल मे कोरोना वारियर्स की भूमिका निभाने और शासन के अन्य विभागों के साथ कोरोना रोकथाम में  कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए प्रथम पंक्ति का  कोरोना वारियर्स के रूप में कोरोना टीका लगाने तथा 50 लाख का बीमा कवर देने का मांग किया गया है ।

चूंकि अभी तक शिक्षकों को शासन द्वारा कोरोना वारियर्स का दर्जा और 50 का बीमा कवर नही दिया गया है ,इस लिए छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला बस्तर के निवेदन पत्र के अगले दिन ही अर्थात 5 अप्रैल को सम्भागीय संयुक्त संचालक ,बस्तर सम्भाग द्वारा संचालक ,लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ को मार्गदर्शन हेतु पत्र लिखा है । 

मार्गदर्शन पत्र में  इस बात का किया गया है उल्लेख -

दिनाँक 05/04/2021 को सम्भागीय संयुक्त संचालक ,बस्तर सम्भाग संचालक ,लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ को लिखे अपने मार्गदर्शन पत्र में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला बस्तर द्वारा प्रेषित पत्र का उल्लेख करते हुए कहा है कि शिक्षकों के लिए शाला बंद नही है ,मध्यान्ह भोजन ,जाति प्रमाण पत्र ,कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं बोर्ड परीक्षा आदि कार्यों से प्रतिदिन सैकड़ों छात्रों के सम्पर्क में हैं ,जिससे अब शिक्षकों व बच्चों में संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका है जो जानलेवा साबित हो सकता है |

इसी तारतम्य में शिक्षकों को भी प्रथम पंक्ति का कोरोना वारियर्स के रूप में कोरोना टीका लगाने तथा 50 लाख का बीमा कवर देने का निवेदन लेख किया गया है । 

कोरोना से अब तक कई शिक्षकों की जा चुकी है जान -

कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों को लाने रेलवे रेलवे स्टेशन में ड्यूटी करना हो , कोरेंटाइन सेंटरों में ड्यूटी करना हो ,कोरोना सर्वे में ड्यूटी करना हो ,स्कूलों में ड्यूटी करना हो,टीकाकरण में ड्यूटी करना हो सभी कार्यों में शिक्षकों की भूमिका रही है ,इस दौरान कोरोना से संक्रमित होकर प्रदेश में अब तक 30 से 35 शिक्षकों की जान जा चुकी है |

हाल ही में शाला में ड्यूटी करते हुए कोरोना से संक्रमित होकर खैरागढ़ ब्लाक के पांच शिक्षकों की मौत हो चुकी है |

शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर -

45 वर्ष या उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों के लिए राज्य शासन द्वारा कोरोना टिका को अनुमति दे दिया गया है ,इस उम्र के अधिकारी कर्मचारी भी टिका लगवा सकते हैं | कोरोना टिका की मांग कर रहे शिक्षकों के लिए यह राहत भरी खबर है | कोई भी अधिकारी -कर्मचारी जिनका उम्र 45 वर्ष या उससे अधिक है अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर टीकाकरण करा सकते हैं |

विकासखंड शिक्षा अधिकारी और प्राचार्यों को कोरोना टिका लगाये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी कर अपने अधिनस्त अधिकारी -कर्मचारियों को टिका लगवाने सुचना प्रसारित करने को कहा गया है | 

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