संकुल शैक्षिक समन्वयकों के अध्यापन की जानकारी उपलब्ध कराने जारी हुआ निर्देश

शाला संकुल व्यवस्था के तहत नियुक्त संकुल शैक्षिक समन्वयकों के प्रति दिवस 3 काल खंड अध्यापन की जानकारी उपलब्ध कराने पत्र जारी हुआ है। 

दरअसल प्रदेश में नई शिक्षा नीति के तहत संकुलों का पुनर्गठन किया गया है। नवीन संकुल को शाला संकुल का नाम दिया गया है तथा संकुल प्रभारी का दायित्व प्राचार्यों को सौपा गया है ,वहीं  सभी जिलों में शाला संकुल के लिए नये संकुल समन्वयकों की नियुक्ति भी की गई है | 


राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा जारी संकुुुल समन्वयक नियुक्ति सम्बन्धी निर्देेेश के अनुसार नवीन संकुुुल व्यवस्था के तहत नियुक्त संकुल समन्वयकों को प्रतिदिन अपने शाला में 3 कालखण्ड अध्यापन कार्य कराना होगा । अध्यापन कार्य के उपरांत ही संकुल के कार्यों को निष्पादित किया जाना है।

चूंकि नई शिक्षा सत्र की शुरुआत हो चुकी है और शाला में शिक्षकों की शत प्रतिशत उपस्थिति तथा ऑनलाइन क्लास संचालन का आदेश भी जारी हो चुका है। इस लिए संकुल शैक्षिक समन्वयकों को भी शाला में प्रतिदिन उपस्थिति के साथ-साथ ऑनलाइन क्लास लेना होगा।


कार्यालय जिला मिशन समन्वयक ,राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा संकुल शैक्षिक समन्वयकों के 3 कालखण्ड अध्यापन से जुड़ी जानकारी दिनांक 28.06.2021 तक उपलब्ध कराने हेतु जिले के समस्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी/  विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक को पत्र जारी किया  है।

कार्यालय जिला मिशन समन्वयक ,राजीव गांधी शिक्षा मिशन ,जिला मुंगेली द्वारा दिनांक 23.06.2021 को जिले के समस्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी/  विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक को पत्र जारी कर आदेश में उल्लेखित प्रारूप में संकुल समन्वयकों के प्रति दिवस 3 कालखण्ड अध्यापन की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।


शाला संकुल का दर्पण , संकुल शैक्षिक समन्वयक-

नई शिक्षा नीति के तहत शैक्षणिक स्तर में सुधार हेतु शाला संकुल का गठन किया गया है,पहले प्रत्येक संकुल में 15 से 17 शालाएं होती थी वहीं अब प्रत्येक शाला संकुल में 5 से 6 स्कूल शामिल है। चूंकि संकुल समन्वयकों को प्रति दिन 3 कालखण्ड अध्यापन कराना है ,इस लिए वे अपने शाला संकुल के शिक्षकों के सामने आदर्श रूप प्रस्तुत कर सकते हैं।


जिला /विकास खंड स्तर के अधिकारी करेंगे मॉनिटरिंग-

संकुल समन्वयकों के शाला में प्रति दिवस 3 काल खंड अध्यापन कार्य का मॉनिटरिंग जिला तथा विकास खण्ड स्तर के अधिकारियों द्वारा किया जाना है।


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