बोर्ड कक्षाओं के मूल्यांकन कार्य के लापरवाही बरतने वाले लगभग 179 शिक्षकों को मण्डल ने मूल्यांकन कार्य से किया वंचित

रायपुर - शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। जिसके अनुसार माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा बोर्ड कक्षाओं के मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले हाई और हायर सेकेंडरी के लगभग 179 शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य से वंचित कर दिया गया है।  हालांकि यह आदेश एक माह पहले जारी हुआ है।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा दिनांक 17.08.2021 को जारी आदेश में कहा गया है, कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा आयोजित हायर सेकेंडरी परीक्षा वर्ष 2019 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य 29 मूल्यांकन केंद्रों में कराया गया था, इनमें से जिन मूल्यांकन कर्ताओं ने सौपे गए कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही बरती है, उन्हें गुण दोष के आधार पर मंडल समिति द्वारा लिए गए निर्णय के अनुरूप अलग-अलग श्रेणी में शास्ति आरोपित की जाती है।

ठीक इसी प्रकार हाईस्कूल परीक्षा 2019 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य भी 29 मूल्यांकन केंद्रों में कराया गया था ,इनमें कई मूल्यांकन कर्ताओं द्वारा मूल्यांकन कार्य में घोर लापरवाही बरती गई है, अतः मंडल द्वारा इन्हें अलग-अलग श्रेणी में मूल्यांकन कार्य से वंचित कर दिया है।

मंडल ने जारी किया मूल्यांकन कार्य लापरवाही बरतने वाले मूल्यांकन कर्ताओं की श्रेणीवार सूची-

मण्डल द्वारा मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले मूल्यांकन कर्ताओं को मूल्यांकन कार्य से वंचित किए जाने संबंधी जारी आदेश में कहा है कि हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी परीक्षा 2019 के उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हेतु 29-29 मूल्यांकन केंद्रों में मूल्यांकन कर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई थी, जिनमें से लगभग 179 हाई एवं हायर सेकेंडरी के मूल्यांकन कर्ताओं द्वारा सौपे गए कार्य के प्रति घोर लापरवाही बरती गई है।

श्रेणी एक के मूल्यांकन कर्ता जिन्हें मूल्यांकन कार्य से तीन वर्षों तक वंचित किया गया है-

मंडल द्वारा इस श्रेणी में उन मूल्यांकन कर्ताओं को रखा गया है, जिनकी ड्यूटी हाई और  हाई सेकेंडरी परीक्षा वर्ष 2019 के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लगाई गई थी, जिनके मूल्यांकन में छात्रों के 20 से 40 अंकों की वृद्धि हुई । मंडल  द्वारा ऐसे मूल्यांकन कर्ताओं को मंडल के समस्त अपराध पारिश्रमिक कार्य से 3 वर्षों के लिए वंचित कर दिया गया है।

श्रेणी दो के मूल्यांकन कर्ता, जिन्हें मूल्यांकन कार्य से तीन वर्षों तक वंचित किया गया है-

मंडल द्वारा इस श्रेणी में हायर सेकंडरी व हाई स्कूल के उन मूल्यांकन कर्ताओं के रखा गया है, जिन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरती , जिनके मूल्यांकन में छात्रों के 41 से 49 अंकों की वृद्धि हुई है। मंडल द्वारा इन मूल्यांकन कर्ताओं को मंडल के समस्त प्रारंभ पारिश्रमिक कार्य से 3 वर्षों के लिए वंचित कर दिया गया है।

श्रेणी तीन के मूल्यांकन कर्ता, जिन्हें मूल्यांकन कार्य से सदैव के लिए वंचित किया गया है-

मंडल द्वारा श्रेणी 3 के अंतर्गत उन मूल्यांकन कर्ताओं को रखा गया है, जिनके मूल्यांकन कार्य में छात्रों के 50 से अधिक अंकों की वृद्धि हुई है। मंडल द्वारा श्रेणी 3 के अंतर्गत आने वाले मूल्य समस्त मूल्यांकन कर्ताओं को मंडल के समस्त पारिश्रमिक कार्य से सदैव के लिए वंचित कर दिया गया है।

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श्रेणी 2 और 3 के मूल्यांकन कर्ताओं के एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा-

बोर्ड कक्षाओं के मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले ऐसे मूल्यांकन कर्ता जिनके मूल्यांकन कार्य से छात्रों के 41 से 49 अंक  की वृद्धि हुई  और ऐसे मूल्यांकन कर्ता जिनके मूल्यांकन में छात्रों के 50 से अधिक अंकों की वृद्धि हुई, इन दोनों ही श्रेणी के मूल्यांकन कर्ताओं का एक वार्षिक वेतन वृद्धि संचई प्रभाव से रोकने हेतु मंडल द्वारा शासन/ विभाग पर अनुशंसा किया गया है।

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