शिक्षक पदोन्नति: वरिष्ठता निर्धारण में भिन्नता संभागीय संयुक्त संचालक ने जारी किया विस्तृत दिशानिर्देश Variation in Seniority Determination Joint Director issued detailed guidelines

shikshaklbnews -  सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक प्राथमिक शाला /शिक्षक तथा शिक्षक पूर्व माध्यमिक शाला से प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला के पदों पर चल रहे पदोन्नति की प्रक्रिया में वरिष्ठता निर्धारण में भिन्नता को देखते हुए संभागीय संयुक्त संचालक रायपुर द्वारा विस्तृत दिशानिर्देश जारी किया गया था | रायपुर के बाद अब संयुक्त संचालक शिक्षा सम्भाग बिलासपुर द्वारा पदोन्नति में भिन्नता को देखते हुए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किया गया है | 

दरअसल बिलासपुर सम्भाग के अंतर्गत कुछ जिलों में सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक प्राथमिक शाला /शिक्षक तथा शिक्षक पूर्व माध्यमिक शाला से प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला के पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया में अलग-अलग जिले में वरिष्ठता निर्धारण, स्थानांतरण, युक्त युक्तिकरण के पद, एक से अधिक स्नातक को लेकर भिन्नता देखने को मिल रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा यह निर्देश जारी किया गया है। कुछ जिले में वरिष्ठता का निर्धारण कार्यभार ग्रहण तिथि से किया जा रहा था, तो कहीं युक्त युक्तिकरण के पदों को भरा हुआ मानकर जानकारी प्रदान किया गया था।

पदोन्नति प्रक्रिया के संबंध में संयुक्त संचालक का विस्तृत दिशानिर्देश-

इसे भी पढ़ें - शासन की बेरुखी से हताश सहायक शिक्षकों ने मांग किया कार्य अवधि का वेतन 

नियुक्ति तिथि से ही वरिष्ठता होगी मान्य-

संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि कुछ कार्यालय द्वारा वरिष्ठता कार्यभार ग्रहण तिथि से किया जा रहा है तो कुछ कार्यालय द्वारा नियुक्ति तिथि से दी जा रही है इस संबंध स्पष्ट किया जाता है कि नियुक्ति तिथि से ही वरिष्ठता माननी होगी।

संविदा एवं शिक्षा गारंटी शिक्षकों की वरिष्ठता शिक्षा कर्मी के पद पर संविलियन तिथि किया जाएगा मान्य-

संविदा एवं शिक्षा गारंटी शिक्षक के रूप में जिनकी नियुक्ति हुई है, उनकी वरिष्ठता के संबंध में ज्वाइन डायरेक्टर द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि उनकी वरिष्ठता शिक्षाकर्मी के पद पर संविलियन दिनांक 01.05.2005 से मान्य किया जाएगा।

स्वयं के व्यय पर स्थानांतरण के सम्बन्ध में वरिष्ठता निर्धारण-

वरिष्ठता निर्धारण के संबंध में ज्वाइन डायरेक्टर द्वारा जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि आपसी स्थानांतरण/ पति-पत्नी स्थानांतरण एवं स्वयं के व्यय पर स्थानांतरण होने पर वरिष्ठता संबंधित जिले के पद स्थापना दिनांक से मानी जाएगी।

इसे भी पढ़ें -पदोन्नति में आरक्षण मामले को लेकर एससी एसटी शिक्षक लामबंद...........शिक्षको ने विरोध प्रदर्शन करने का लिया सर्वसहमति से निर्णय 

डबल स्नातक प्राधिकृत अधिकारी द्वारा दिए गए अनुमति के आधार पर होगी मान्य-

डबल स्नातक धारी शिक्षक को उनके पदोन्नति में उसी विषय का लाभ मिलेगा जिस विषय में उनके द्वारा सहमति दी गई है परंतु सर तैयारी रखा गया है कि वह विशेष सेवा पुस्तिका में इंद्राज हो और प्राधिकृत अधिकारी द्वारा पूर्व में अनुमति प्रदान की गई हो।

इसके अलावा B.Ed या किसी विषय में सेवाकाल में किया गया इस नाटक भी मान्य होगा जब वह सेवा पुस्तिका में इंद्राज हो एवं विधिवत प्राधिकृत अधिकारी द्वारा अनुमति प्राप्त किया गया हो।

इसे भी पढ़ें - वेतन जारी नही होने से आर्थिक तंगी से गुजर रहे सहायक शिक्षक 

युक्तिकरण का विषय माना जाएगा रिक्त-

2014 में 2017 में किए गए युक्तिकरण के विषय में भरे गए पद मान्य नहीं होगा जिस विषय में नियुक्ति हो उसका मूल विषय ही मान्य होगा यानी विषय विकल्पों से भरे गए पद को रिक्त मानकर उन पदों की जानकारी प्रदान करने को कहा गया है। इससे रिक्त पदों की संख्या में और वृद्धि हो जाएगी।

सहायक शिक्षक से उच्च वर्ग शिक्षक के पद पर पहले पदोन्नति-

ज्वाइन डायरेक्टर द्वारा जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि सहायक शिक्षक से उच्च वर्ग शिक्षक के पद पर पदोन्नति होने पर ही सभी जिला शिक्षा अधिकारी सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक प्राथमिक शाला में पदोन्नति करें । इससे शिक्षकों की ज्यादा से ज्यादा रिक्तियां मिलेगी और उन्हें पदोन्नति का अवसर मिलेगा।

👉सम्भागीय संयुक्त संचालक द्वारा जारी दिशानिर्देश का पीडीऍफ़ यहाँ से डाउनलोड करें 

गोपनीय प्रतिवेदन में त्रुटि होने पर संबंधित खंड एवं जिला शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार-

पदोन्नति के संबंध में ज्वाइन डायरेक्टर द्वारा वरिष्ठता निर्धारण को लेकर जारी दिशानिर्देश में स्पष्ट किया गया है कि गोपनीय प्रतिवेदन भेजे जाने के समय सावधानी जरूरी है इसमें किसी भी तरह की त्रुटि होने पर संबंधित जिले के खंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

join our whatsapp groups -


Post a Comment

0 Comments