पदोन्नति स्टे- माननीय हाई कोर्ट में नहीं हो सका सुनवाई........शिक्षकों में निराशा

shikshaklbnews-पदोन्नति पर स्टे हटने का इंतजार कर रहे शिक्षकों को अभी और करना होगा इंतजार, माननीय हाई कोर्ट बिलासपुर में पदोन्नति के संबंध में दायर याचिका पर 10 मार्च को सुनवाई होनी थी, परन्तु स्टे मामले पर सुनवाई नहीं हो सका |  शिक्षकों को भरोसा था कि आज माननीय हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद पदोन्नति प्रक्रिया पुनः प्रारंभ हो सकती है, परंतु ऐसा नहीं हुआ।

दरअसल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पदोन्नति प्रक्रिया में वन टाइम रिलैक्सेशन देते हुए पदोन्नति हेतु निर्धारित 5 वर्ष की सेवा अवधि को घटाकर 3 वर्ष कर दिया गया है। जिसके तहत स्कूल शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षक एवं शिक्षक एलबी की पदोन्नति प्रधान पाठक प्राथमिक शाला/ उच्च वर्ग शिक्षक और उच्च वर्ग शिक्षक से प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला के पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया चल रही थी। उक्त पदोन्नति प्रक्रिया में वरिष्ठता निर्धारण को लेकर माननीय हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका दायर किया गया था ,जिस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

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 याचिकाकर्ता ने एकल पीठ में याचिका प्रस्तुत करने डबल बेंच से वापस लिया था याचिका-

प्राप्त जानकारी के अनुसार याचिकाकर्ता शिक्षक नीलम मेश्राम ने डबल बेंच से अपना याचिका वापस ले लिया था , क्योंकि वह एकल पीठ में अपील करना चाहते थे। वहीं आज की सुवाई पर शिक्षकों की नजरें टिकी हुई थी,  अब शिक्षकों को अगली सुनवाई तक इंतजार करना होगा, उसके बाद ही स्पष्ट होगा कि क्या पदोन्नति प्रक्रिया पर लगा स्टे हटता है या फिर पुनः सुनवाई की तिथि बढ़ती है।

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पदोन्नति हेतु तैयारी पूर्ण-

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा पदोन्नति के लिए पूरी तैयारी की जा चुकी है। सभी संभागों तथा जिलों में त्रुटि रहित वरिष्ठता सूची प्रकाशित करने का काम जोरों से चल रहा है ,ताकि माननीय हाईकोर्ट का फैसला आते ही तत्काल पदोन्नति सूची जारी किया जा सके।  बता दें कि कुछ संभाग तथा कई जिले राज्य कार्यालय द्वारा पदोन्नति हेतु तय समय सीमा काफी पीछे चल रही है । स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार 31 जनवरी 2022 तक पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण हो जाना था लेकिन मार्च माह भी निकलने को है परंतु पदोन्नति प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है।

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शासन की ओर से पेश किया जा चूका है जवाब -

छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा शिक्षकों को  वन टाइम रिलैक्सेशन के तहत पदोन्नति दिया जा रहा है, कुछ शिक्षकों ने पदोन्नति प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण होने का आरोप लगाकर न्यायालय में चुनौती दी थी जिस पर डिवीजन बेंच ने पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन की ओर से पिछले सुनवाई में जवाब प्रस्तुत कर दिया गया है। इस लिए उम्मीद है पदोन्नति पर लगा स्टे इस सुनवाई के बाद हट सकती है।

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