फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर शिक्षक की नौकरी.... कोर्ट ने सुनाई आर्थिक दंड सहित 5 साल की सश्रम कारावास

shikshaklbnews- फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर शिक्षाकर्मी की नौकरी हथियाने वाले को जिला एवं सत्र न्यायालय ने 5 साल की सजा सुनाया है साथ ही 10000 का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षाकर्मी की नौकरी हथियाने के लिए आरोपी शिक्षक ने खेल एवं अनुभव प्रमाण पत्र का फर्जी दस्तावेज बनवाया था।

पूरा मामला धमतरी जिले का है, जहां जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी शिक्षक चंद्रकांत साहू को 5 साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाया है, साथ ही ₹10000 का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है, यदि जुर्माने की राशि अदा नहीं कर पाता है, तब दोषी को तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतना पड़ेगा।

यह है पूरा मामला-

वर्ष 2007 में धमतरी जिले के जनपद पंचायत मगरलोड के अंतर्गत शिक्षाकर्मी के पद पर भर्ती हेतु वैकेंसी निकाला गया था जिसमें ग्राम कीरवाई, थाना राजिम ,जिला रायपुर निवासी चंद्रकांत साहू द्वारा खेल एवं अनुभव प्रमाण पत्र का फर्जी दस्तावेज संलग्न किया गया था ,जिसके आधार पर उसकी नियुक्ति शासकीय प्राथमिक शाला परसट्टी में हुई थी।

शिकायत के आधार पर जांच के बाद न्यायालय ने किया गया पेश-

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना मगरलोड में ही  चंद्रकांत साहू द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने की शिकायत कृष्ण कुमार साहू ने की थी। शिकायत के आधार पर आरोपित शिक्षक चंद्रकांत साहू  के प्रमाण पत्र का जांच कराया गया, जिसमें खेल तथा अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया , इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया।

जिला एवं सत्र न्यायालय ने पाया दोषी-

जिला एवं सत्र न्यायाधीश के एल चरयाणी सभी पक्षों को सुनने के बाद शिक्षक चंद्रकांत साहू को दोषी मानते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास सुनाया है तथा ₹10000 का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है साथ ही कोर्ट ने कहा है , कि यदि दोषी द्वारा जुर्माने की राशि अदा नहीं कर पता है तो उसे 3 माह अतिरिक्त सजा भुगतना पड़ेगा।

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