दो जिले ,दो शिक्षक पर कहानी एक.....ना पदोन्नति मिला ,ना क्रमोन्नति......पुरानी पेंशन लागू होने से पहले हुए सेवानिवृत

shikshaklbnews - पूरी सेवा अवधि के दौरान एक ही पद पर कार्य करते हुए सेवानिवृत्त हुए हम उन दो सहायक शिक्षकों के दास्तां बयां करने जा रहे हैं, जिन्हें पूरी सेवाकाल के दौरान ना तो पदोन्नति मिला और ना ही क्रमोन्नति, वहीं पुरानी पेंशन लागू होने से पहले ही सेवानिवृत्त हो गए। इनमें से एक सहायक शिक्षक ने 24 साल एक ही पद पर सेवा देते हुए सेवानिवृत्त के हुए हैं, तो दूसरे ने 33 वर्ष शिक्षा विभाग में सेवा दिए हैं।

दोनों ही सहायक शिक्षकों को अपने सेवानिवृत्ति के अंतिम दिनों में उम्मीद था, कि चलो सेवानिवृत्त होने से पहले उन्हें पदोन्नति का लाभ मिल जाएगा, परंतु पदोन्नति का मामला उच्च न्यायालय में चले जाने से वह तमन्ना भी धरी की धरी रह गई। शिक्षा विभाग के आला अधिकारी भरोसे पर भरोसा दिलाते रहे, कि माननीय हाईकोर्ट में शासन की ओर से शीघ्र ही मजबूत पक्ष रखा जाएगा , उसके बाद पदोन्नति की कार्यवाही शुरू हो सकेगी , परंतु ऐसा नहीं हो सका , माननीय उच्च न्यायालय ने पदोन्नति प्रक्रिया पर आगामी सुनवाई तिथि तक के लिए स्टे बरकरार रखा है।

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दो जिला ,दो सहायक शिक्षक पर कहानी एक -

पहला मामला सहायक शिक्षक ललित गुप्ता का है जो जांजगीर जिले के विकासखंड -बम्हनीडीह , संकुल केंद्र दारंग के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला छुईहापारा से शिक्षा विभाग में 24 साल सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं ,वहीं दूसरा मामला बालोद जिले के विकासखंड-गुरुर के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला आमापानी से सेवानिवृत्त हुए सहायक शिक्षक हरीश चंद्र सिंहा का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री हरीश चंद्र सिंहा 33 साल शिक्षा विभाग में सेवा देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए हैं। दोनों ही सहायक शिक्षकों का सेवानिवृत्त तिथि 31 मार्च 2022 था।

सेवानिवृत्ति के बाद स्टाफ ने दी विदाई-

श्री ललित कुमार गुप्ता और श्री हरीश चंद्र सिंहा दोनों ही 31 मार्च 2022 को सेवानिवृत्त हुए हैं, शिक्षा विभाग में उनकी इस अमूल्य सेवा के लिए दोनों के स्टाफ द्वारा विदाई दी गई तथा उज्जवल भविष्य की कामना की गई ,परन्तु कोई लाभ के शेष जीवन अंधकारमय हो गया है |

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ना पदोन्नति ,ना क्रमोन्नति ,पुरानी पेंशन लागू होने से पहले ही हुए सेवानिवृत्त-

श्री ललित गुप्ता और श्री हरीश चंद्र सिंहा दोनों की ही नियुक्ति सहायक शिक्षक के पद पर हुआ था। दोनों ही शिक्षकों को पूरी सेवाकाल के दौरान न तो पदोन्नति मिला और ना ही क्रमोन्नति मिला।  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की घोषणा हुई है, परंतु उससे पहले ही वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

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सेवाकाल के दौरान पदोन्नति, क्रमोन्नति, वेतन विसंगति,पुरानी पेंशन के संघर्ष करते रहे पर दुर्भाग्य इनमे से किसी का नहीं मिला लाभ-

श्री ललित कुमार गुप्ता और श्री हरीश चंद्र सिंहा सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्त हुए थे और पूरी सेवा अवधि के दौरान वे सहायक शिक्षक की बने रहे । दोनों ही सहायक शिक्षकों को पूरे सेवा काल में ना तो पदोन्नति का लाभ मिला और ना ही क्रमोन्नति का ,अंतिम समय में पदोन्नति मिलने वाला था ,उस पर भी स्टे लगा दिया गया है | वही पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की घोषणा तो हुआ है ,पर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने हेतु नियम ही तैयार नहीं हो पाया है। ऐसे में दोष दें तो किसे दें। दोनों ही सहायक शिक्षक सेवाकाल के दौरान पदोन्नति, क्रमोन्नति ,वेतन विसंगति, महंगाई भत्ता ,पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने के लिए संघर्ष करते रहे, परंतु उनका दुर्भाग्य कहिए इनमें से किसी का लाभ उन्हें नहीं मिल पाया।

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