कहीं पूरा वेतन तो कहीं पांच दिन का वेतन कटा

shikshaklbnews- माह जुलाई 2022 के वेतन भुगतान के संबंध में अलग-अलग जिलों से अलग-अलग खबरें आ रही है ,उसके अनुसार कुछ विकासखंडों में जहां कर्मचारियों के हड़ताल अवधि को भी जोड़कर वेतन बनाया गया है, तो कुछ विकास खंडों में हड़ताल अवधि के वेतन में कटौती किया गया है। वहीं प्रदेश के एक विकासखंड से ऐसा भी मामला सामने आया है, जहां अधिकारी अपना पूरा वेतन बना लिए हैं और कर्मचारियों के वेतन में 5 दिन की कटौती कर दी गई है।

दरअसल महंगाई भत्ता और सातवें वेतनमान के अनुसार गृह भाड़ा भत्ता की मांग को लेकर अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन सहित शिक्षक संगठन 25 जुलाई से 29 जुलाई 2022 तक पांच दिवसीय हड़ताल पर थे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा हड़ताल अवधि का वेतन कटौती के लिए आदेश तो जारी किया गया, लेकिन कर्मचारी संगठनों के विरोध के बाद वेतन में कटौती संबंधी आदेश पर रोक लगा दिया गया। इसके बाद भी कुछ विकास खंडों में कर्मचारियों के वेतन में 5 दिन की कटौती की गई है।

प्राचार्य और बाबू ने अपना पूरा वेतन बना लिया और शिक्षकों का काट दिया 5 दिन का वेतन -

मामला कोरिया जिले के खड़गंवा ब्लॉक के शासकीय उत्तर माध्यमिक विद्यालय उधनापुर का है जहां प्राचार्य और लिपिक ने खुद का तो पूरा वेतन बना लिया लेकिन शिक्षकों के वेतन में 5 दिन की कटौती कर दी गई। इस मामले की शिकायत कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से की गई है।

इस विकासखंड में 5 दिन का वेतन काटा गया-

मुंगेली जिले के अंतर्गत विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय मुंगेली द्वारा शिक्षकों के पांच दिवसीय आंदोलन अवधि का वेतन काट दिया गया है। वेतन काटे जाने से आहत शिक्षकों ने बताया कि प्रारंभ में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा हड़ताल अवधि का वेतन काटे जाने के संबंध में आदेश जारी हुआ था परंतु कर्मचारी संगठनों ने सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव से मुलाकात कर वेतन में कटौती नहीं किए जाने की मांग रखी थी , जिसके बाद आदेश को रोक लगा दिया गया था , इसके बावजूद भी विकास खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा वेतन में कटौती की गई है।

मंगाई भत्ता और सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता नहीं देने पर 22 अगस्त से अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन करेगा अनिश्चितकालीन आंदोलन-

अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन महंगाई भत्ता और सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता नहीं मिलने पर अपने आंदोलन के चौथे चरण में 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन आंदोलन में जाने की घोषणा कर दी है। वहीं शिक्षा मंत्री ने शिक्षक संगठनों से कहा है कि उनकी मांगों पर मुख्यमंत्री शीघ्र ही विचार करेंगे। ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या कर्मचारियों की मांग समय पर पूरी हो पाती है या फिर कर्मचारी संगठन अनिश्चितकालीन आंदोलन ओर बढ़ेगा।

join our whatsapp groups -

Post a Comment

0 Comments